क्यो सबसे पहले गणेश जी की पूजा होती है?
श्री गणेशाय नमः. श्री राम
जय बजरंग बली सरकार
प्रश्न - भगवान गणेश को प्रथम पूज्य क्यो कहा जाता है?
1) शिव महापुराण की कथा के अनुसार जब भगवान शिव और गणेशजी के बीच युद्ध हुआ और गणेशजी का सिर कट गया तो देवी पार्वती के कहने पर शिवजी ने गणेश जी के शरीर पर हाथी का सिर जोड़ दिया। जब देवी पार्वती ने भगवान शिव से कहा कि इस रूप में मेरे पुत्र की पूजा कौन करेगा। तब शिवजी ने वरदान दिया कि सभी देवी-देवताओं की पूजा और हर मांगलिक काम से पहले गणेश की पूजा की जाएगी। इनके बिना हर पूजा और काम अधूरा माना जाएगा।2) जब देवताओ में प्रथम पूज्य के विवाद को लेकर बहस हुई, तो सभी देवता भूतभावन बाबा महादेव के पास पहुचे और न्याय करने को कहा, तो भोले बाबा ने प्रतियोगिता करबाई.. कहा जो जीतेगा वही प्रथम पूज्य होगा.. तो प्रतियोगिता कुछ इस प्रकार थी
एक बार देवताओ में प्रतियोगिता हुई कि कौन सबसे पहले सम्पूर्ण प्रथ्वी की परिक्रमा करता है..
सभी देवताअपने-अपने वाहन पर सवार होकर ब्रह्मांड का चक्कर लगाने निकल पड़े। मगर गणेशजी अपने वाहन मूषक पर सवार नहीं हुए। वह ब्रह्मांड का चक्कर लगाने की बजाए अपने माता-पिता के चारों ओर परिक्रमा करने लगे। उन्होंने माता-पिता के चारों ओर 7 बार परिक्रमा की और हाथ जोड़कर खड़े हो गए।जब सभी देवता ब्रह्मांड का चक्कर लगाकर लौटे तो गणेशजी को वहीं पर खड़ा पाया। अब शिवजी प्रतियोगिता के विजेता को घोषित करने चल दिए। उन्होंने गणेशजी को विजयी घोषित किया। सभी देवता आश्चर्य में पड़ गए कि सभी देवता पूरे ब्रह्मांड का चक्कर लगाकर आए हैं उन्हें छोड़कर गणेशजी को क्यों विजेता घोषित किया गया। तब शिवजी ने बताया कि पूरे ब्रह्मांड में माता-पिता का स्थान सर्वोपरि है और गणेशजी ने अपने माता-पिता की परिक्रमा की है, इसलिए वह सभी देवताओं में सबसे पहले पूजनीय हैं। तभी से गणेशजी की पूजा सबसे पहले होने लगी। सभी देवताओं ने शिवजी के इस निर्णय को स्वीकार किया।
- आपका अपना
विशाल पंडित
जय हो गणपति बप्पा मौर्या
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